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अध्याय 5 · 29 श्लोक

कर्मसंन्यासयोग

Karma Sannyāsa Yoga

कर्म संन्यास योग

श्रीकृष्ण संन्यास और कर्मयोग में समन्वय करते हैं — दोनों एक ही लक्ष्य तक पहुँचाते हैं, पर निष्काम कर्म सुगम है। ज्ञानी कमलपत्र की भाँति अनासक्त रहकर कर्म करता है।

विषय: संन्यास और निष्काम कर्म

सभी श्लोक (श्लोक 1–29)